मै एक गृहणी हूँ .घर के काम-काज के बाद,देश -दुनिया में क्या हो रहा है ,यह जानने की उत्सुकता मेरे मन में रहती है.इसलिए मै न्यूज़ चैनल ज्यादा देखती हूँ .आज diesel ,कुकिंग गैस और केरोसेने के दाम बढ़ गए हैं .यह सुन कर मै सोचने लगी की ,क्या सरकार अपने किये हुए घोटालों की भरपाई ,प्रतिदिन उपयोग में आने वाली जरुरी सामानों की कीमतों में बेतहाशा मूल्य ब्रिधी कर के अपनी बित्त्य घाटा कर पूरा लेगी ? हो सकता है.
सरकार रूपी जहाज में इतने छिद्र क्यों है?पहले जनता के पैसे से घोटाला करो ,फिर जनता के पैसे से घोटाले -बाजों को पकड़ो ,उनको जेल में डालो और पैसे की कमी को मूल्य बड़ा कर खजाने को भरो.ऐसा नहीं होना चाहिए .हमें गान्धी जी के बताये हुए रास्ते पर चलाना चाहिए .ताकि देशा की उनंती हो, और स्वस्थ मानसिकता वाले,संतुलित समाज का निर्माण हो सके.आज आवश्कता इसी बात की है .सरकार की चर्चा घर -घर में

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