गंगा दशहरा के अवसर पर -
गंगा बहार रौरि क्या जगमगा रही है
आँखों में बस रही है.
दिल में समां रही है.
झांकी अजब निराली.
कैसे बनी बिशाली.
जे रउरा तट पर आयी.
एक बार नहाई,पापों से छुट जाई.
महिमा दिखा रही है.
आँखों में बस रही है.
दिल में समां रही है.
झांकी अजब निराली.
कैसे बनी बिशाली.
जे रउरा तट पर आयी.
एक बार नहाई,पापों से छुट जाई.
महिमा दिखा रही है.
प्रणाम गंगाजी.

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